🎬 वीडियो
जय चित्रगुप्त महाराज, जय कर्मों के लेखक।
ब्रह्मा कायस्थ अवतार, तुम न्याय विवेचक॥
कलम दवात हाथ में, कर्मों का हिसाब।
जन्म मृत्यु का लेखा, तुम ही के किताब॥
जय चित्रगुप्त महाराज॥
यमलोक में विराजत, यमराज संग देवा।
पाप पुण्य का न्याय करे, सत्य तेरी सेवा॥
जय चित्रगुप्त महाराज॥
कायस्थ समाज के इष्ट, विद्या बुद्धि दाता।
लेखनी और गणना में, तुम सबसे सत्ता॥
जय चित्रगुप्त महाराज॥
दीपावली के दूज को, चित्रगुप्त पूजा।
नई बही खाता खोलें, कर्म का फल दूजा॥
जय चित्रगुप्त महाराज॥
चित्रगुप्त की आरती, जो यम द्वितीया गाये।
सत्कर्म का फल पाकर, उत्तम गति पाये॥
जय चित्रगुप्त महाराज॥