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जय एकादशी माता, जय विष्णु प्रिय तिथि।
व्रत करें जो एकादशी, पावे उत्तम गति॥
चौबीस एकादशी, साल में आती।
प्रत्येक का विशेष फल, विष्णु कृपा लाती॥
जय एकादशी माता॥
निर्जला एकादशी, सबसे कठिन मानी।
जलहीन व्रत करने से, पापों की धुलाई॥
जय एकादशी माता॥
देवशयनी और देवोत्थान, दो विशेष एकादशी।
विष्णु सोये और जागे, करें जगत प्रकाशी॥
जय एकादशी माता॥
चावल त्यागे व्रत में, फलाहार करे।
विष्णु का नाम जपे, भजन कीर्तन करे॥
जय एकादशी माता॥
एकादशी की आरती, व्रत दिवस गाये।
विष्णु लोक की प्राप्ति, मोक्ष मार्ग पाये॥
जय एकादशी माता॥