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जय भैया जय भैया, रक्षाबन्धन आया।
बहना ने राखी बाँधी, प्रेम का त्योहार छाया॥
जय रक्षाबन्धन, जय भाई बहन का प्यार॥
श्रावण पूर्णिमा को आता, रक्षा का त्योहार।
बहन भाई को राखी बाँधे, बाँधे प्रेम का तार।
तिलक लगाकर आरती करके, मिष्ठान खिलाकर।
भाई रक्षा का वचन दे, उपहार देकर॥
जय रक्षाबन्धन, जय भाई बहन का प्यार॥
द्रौपदी ने कृष्ण को बाँधी, वस्त्र से राखी।
कृष्ण ने रक्षा की सदा, अपनी बहन की साखी।
इन्द्राणी ने इन्द्र को बाँधी, रक्षासूत्र पवित्र।
रक्षाबन्धन का इतिहास, अत्यन्त विचित्र॥
जय रक्षाबन्धन, जय भाई बहन का प्यार॥
आरती करो भैया की, तिलक सजाओ माथे।
राखी की डोर से बाँधो, प्रेम की गाँठे।
रक्षाबन्धन आरती गाओ, भाई बहन मिल गाये।
प्रेम का बन्धन सदा रहे, यही प्रभु से पाये॥
जय भैया जय भैया, रक्षाबन्धन आया।
बहना ने राखी बाँधी, प्रेम का त्योहार छाया॥