🎬 वीडियो
जय शरद पूर्णिमा, जय रास की रात।
चन्द्रमा पूर्ण प्रकाश में, अमृत बरसात॥
जय शरद पूर्णिमा, जय कोजागरी॥
आश्विन शुक्ल पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा आई।
सोलह कलाओं से पूर्ण, चन्द्र छटा छाई।
इस रात चन्द्रमा से, अमृत की वर्षा होती।
खीर रखो चाँदनी में, अमृत रस भर जोती॥
जय शरद पूर्णिमा, जय कोजागरी॥
कृष्ण ने इसी रात में, महारास रचाया।
गोपी संग रास लीला, वृन्दावन में छाया।
लक्ष्मी माता इस रात को, धरती पर आती।
जो जागे कोजागरी में, उन्हें सम्पत्ति दाती॥
जय शरद पूर्णिमा, जय कोजागरी॥
चन्द्रमा की आरती करो, खीर का भोग लगाओ।
लक्ष्मी पूजन रात भर, जागरण करो गाओ।
शरद पूर्णिमा आरती, भक्ति से सब गाओ।
चन्द्र अमृत पान करो, आरोग्य सुख पाओ॥
जय शरद पूर्णिमा, जय रास की रात।
चन्द्रमा पूर्ण प्रकाश में, अमृत बरसात॥