🎬 वीडियो
जय तुलसी शालिग्राम, जय विवाह मंगल।
तुलसी माता शालिग्राम जी, शुभ लग्न सुख संगल॥
जय तुलसी विवाह, जय तुलसी विवाह॥
देवउठनी एकादशी को, तुलसी विवाह होता।
शालिग्राम जी से माता का, पवित्र ब्याह सोहता।
गन्ने का मण्डप सजाकर, आँवला वृक्ष लगाकर।
मंगल गीत गाकर सखियाँ, आरती उतारकर॥
जय तुलसी विवाह, जय तुलसी विवाह॥
चुनरी ओढ़ाकर तुलसी को, सोलह श्रृंगार करें।
मेहंदी हल्दी लगाकर, सात फेरे लगायें।
शालिग्राम भगवान दुल्हा, सेहरा बाँधे सोहे।
तुलसी दुल्हन सज धज के, मन मोह ले मोहे॥
जय तुलसी विवाह, जय तुलसी विवाह॥
विवाह के बाद से सारे, शुभ कार्य शुरू होते।
देवता जागते एकादशी, मंगल काज समेटे।
तुलसी विवाह आरती गाओ, शुभ लग्न की बेला।
गृहस्थ सुख शांति मिले सबको, तुलसी माता खेला॥
जय तुलसी शालिग्राम, जय विवाह मंगल।
तुलसी माता शालिग्राम जी, शुभ लग्न सुख संगल॥