🌐 भाषा

विठोबा आरती — क्षेत्रीय देवता आरती

🆓 Free 📅 Ashadhi Ekadashi, Kartiki Ekadashi, daily Pandharpur worship 📶 ऑफ़लाइन उपलब्ध 🎬 वीडियो: इंटरनेट

🎬 वीडियो

Font
जय जय विठ्ठल विठ्ठल, जय पांडुरंग हरि।
कमर पर हाथ ठेवून, विटेवर उभा राहिला॥
येई ओ विठ्ठला, माझ्या विठ्ठला।
रुक्मिणी वल्लभा, राई विठ्ठला॥
पंढरपुर नगरी में, चन्द्रभागा तट पर।
विट ईंट पर खड़े विठ्ठल, भक्त पुंडलीक वर।
श्यामवर्ण पीताम्बर धारी, तुलसी हार गले।
मुकुट कुण्डल शोभा न्यारी, चरण कमल से मिले॥
येई ओ विठ्ठला, माझ्या विठ्ठला॥
ज्ञानदेव तुकाराम नामदेव, सन्तों ने गाया।
एकनाथ जनाबाई चोखा, सबने तुम्हें पाया।
वारकरी सम्प्रदाय तेरा, आषाढी कार्तिकी यात्रा।
दिंडी पालखी में चालत, भक्ति की है मात्रा॥
येई ओ विठ्ठला, माझ्या विठ्ठला॥
विठू माउली विठू माउली, तू माय आमुची।
अभंग गाती वारकरी, कथा तुझी साची।
पंढरीच्या वारीला, भक्त मन लागे।
विठ्ठल विठ्ठल गजर गुंजे, प्रेम भक्ति जागे॥
जय जय विठ्ठल विठ्ठल, जय पांडुरंग हरि।
कमर पर हाथ ठेवून, विटेवर उभा राहिला॥