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Poet: Traditional (पारम्परिक)
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की।
गले में बैजन्ती माला, बजावे मुरली मधुर बाला॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सब मिल आरती गाओ, संध्या का दीप जलाओ।
प्रभु के चरणों में शीश नवाओ, मंगल गीत सुनाओ॥