भगवान हयग्रीव — Hayagriva
हयशिरष, वडवदन, हयवदन, ज्ञानानंद
Avatars of Vishnuपूजा दिवस
गुरुवार, बुधवार, और हयग्रीव जयंती / श्रावण पूर्णिमा
अर्पण
मधु/शहद, पुस्तकें, सफेद फूल, कुशा घास, सफेद चावल, फल, घी
रंग
सफेद, स्वर्णिम
मूल मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं ऐं ज्ञानानन्दाय नमः
परिचय
भगवान हयग्रीव विष्णु का अश्व-मुख अवतार हैं, जिन्हें ज्ञान, वेद, स्मरण शक्ति और पवित्र विद्या के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने चोरी हुए वेदों को पुनः प्राप्त कर ब्रह्मा को सौंपा और सृष्टि के लिए ज्ञान की धारा को पुनर्जीवित किया।
🛕 प्रसिद्ध मंदिर
हयग्रीव माधव मंदिर, हाजो, असम
परकाल मठ, मैसूर, कर्नाटक
देवराजस्वामी मंदिर, कांचीपुरम
वेदांत देशिक मंदिर/श्राइन, कांचीपुरम
तिरुमला-तिरुपति हयग्रीव श्राइन
🎉 त्योहार
हयग्रीव जयंती
उपाकर्म
सरस्वती पूजा से जुड़े ज्ञानोत्सव
नवरात्रि में ज्ञान से जुड़ी पूजा
✨ महत्व
हयग्रीव ज्ञान की तीव्रता, शुद्धता और संरक्षण का प्रतीक हैं। विद्यार्थी, शिक्षक, विद्वान और शास्त्र-अध्येता उन्हें बुद्धि, स्मरण शक्ति, एकाग्रता और वेद-वेदांत की समझ के लिए पूजते हैं।
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