कुबेर — God of Wealth
वैश्रवण, धनपति, यक्षराज, किन्नरराज, नरवाहन, धनद
Dikpalakas and Puranic Deitiesपूजा दिवस
शुक्रवार और गुरुवार; धनतेरस, दीपावली और अक्षय तृतीया विशेष
अर्पण
सोने या चाँदी के सिक्के, पीले फूल, हल्दी, मिठाई, फल, अनार, धन प्रतीक
रंग
स्वर्ण और पीला
मूल मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा
परिचय
भगवान कुबेर धन, संपत्ति, खजाने और समृद्धि के देवता हैं। वे देवताओं के कोषाध्यक्ष, यक्षों के राजा और उत्तर दिशा के दिक्पाल माने जाते हैं। उनका स्वरूप यह सिखाता है कि धन केवल जमा करने की वस्तु नहीं, बल्कि धर्म, दान और सही उपयोग के लिए ईश्वर द्वारा दी गई जिम्मेदारी है।
🛕 प्रसिद्ध मंदिर
कुबेर भंडारी मंदिर, उत्तर प्रदेश
कुबेर shrine, तिरुपति / तिरुमला परिसर
दीपावली में लक्ष्मी मंदिरों में कुबेर पूजा
तमिलनाडु के श्री कुबेर मंदिर
घर की वेदी पर कुबेर उपासना
🎉 त्योहार
धनतेरस
अक्षय तृतीया
दीपावली
शुक्रवार धन पूजा
✨ महत्व
कुबेर समृद्धि के संरक्षण, धन के प्रबंधन, योग्य वितरण और आर्थिक स्थिरता के प्रतीक हैं। लक्ष्मी धन की ऊर्जा हैं, जबकि कुबेर उस धन के रक्षक और प्रशासक हैं। इसलिए धनतेरस और दीपावली पर कुबेर-लक्ष्मी पूजा साथ में की जाती है।
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