कूर्म अवतार — Kurma Avatar
कच्छप, कच्छप अवतार, कूर्म नारायण, कूर्मनाथ, कामठेश्वर, अकूपार, अमृतमंथन सहायक
Avatars of Vishnuपूजा दिवस
शनिवार, गुरुवार और एकादशी; विशेष रूप से वैशाख पूर्णिमा यानी कूर्म जयंती
अर्पण
तुलसी, जल, दूध, सफेद या पीले फूल, फल, पंचामृत, नारियल
रंग
हरा, नीला, स्वर्ण, पीला
मूल मंत्र
ॐ नमो भगवते कूर्मरूपाय नमः
परिचय
कूर्म अवतार भगवान विष्णु का दूसरा दशावतार है। समुद्र मंथन के समय जब मंदराचल पर्वत समुद्र में डूबने लगा, तब भगवान विष्णु ने विशाल कछुए का रूप धारण कर उसे अपनी पीठ पर सहारा दिया। इस अवतार का संदेश है कि हर महान आध्यात्मिक प्रयास के पीछे ईश्वर का अदृश्य आधार होता है।
🛕 प्रसिद्ध मंदिर
श्री कूर्मनाथस्वामी मंदिर, श्रीकूर्मम, आंध्र प्रदेश
कूर्माई मंदिर, चित्तूर जिला, आंध्र प्रदेश
कूर्म वरद मंदिर, कर्नूल, आंध्र प्रदेश
कूर्माई घाट मंदिर, उत्तराखंड
कछुआ मंदिर, गविरंगपुर, कर्नाटक
रंगजी मंदिर परिसर का कूर्म मंदिर, वृन्दावन, उत्तर प्रदेश
कूर्म नारायण मंदिर, नेपाल
🎉 त्योहार
कूर्म जयंती
समुद्र मंथन उत्सव
एकादशी उत्सव
दशावतार उत्सव
वैकुंठ एकादशी
कार्तिक पूर्णिमा
✨ महत्व
कूर्म अवतार स्थिरता, धैर्य, आधार, संतुलन और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। यह सिखाता है कि आध्यात्मिक मंथन में विष भी निकलेगा और अमृत भी, लेकिन धैर्य और दिव्य आधार से साधना सफल होती है।
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