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वराह अवतार — Varaha Avatar

Varaha Avatar

वराह अवतार — Varaha Avatar

आदि वराह, श्वेत वराह, भूदेव, भू वराह, यज्ञ वराह, भूमिउद्धारक, महा वराह, वराह नारायण

Avatars of Vishnu
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पूजा दिवस
मंगलवार, गुरुवार या शनिवार; भाद्रपद शुक्ल तृतीया यानी वराह जयंती विशेष
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अर्पण
प्रतीकात्मक मिट्टी/भूमि, तुलसी, फूल, फल, दूध, गुड़, दूध से बनी मिठाई
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रंग
नीला, गहरा श्याम, भूरा, स्वर्ण
मूल मंत्र
ॐ नमो भगवते वराहरूपाय भूर्भुवः स्वः पतये भूपतये नमः

परिचय

वराह अवतार भगवान विष्णु का तीसरा दशावतार है। जब हिरण्याक्ष ने पृथ्वी माता भूदेवी को ब्रह्मांडीय जल में डुबो दिया, तब विष्णु ने विशाल वराह का रूप धारण किया, गहराई में उतरे और पृथ्वी को अपने दाँतों पर उठाकर पुनः स्थापित किया। यह अवतार दिखाता है कि ईश्वर सृष्टि और पृथ्वी की रक्षा के लिए किसी भी रूप में प्रकट हो सकते हैं।

🛕 प्रसिद्ध मंदिर

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श्री वराहस्वामी मंदिर, तिरुमला, आंध्र प्रदेश
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वराह मंदिर, पुष्कर, राजस्थान
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श्री भू वराह स्वामी मंदिर, श्रीमुष्णम, तमिलनाडु
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वराह गुफा मंदिर, महाबलीपुरम, तमिलनाडु
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उदयगिरि गुफा वराह पैनल, विदिशा, मध्य प्रदेश
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वराह मंदिर, खजुराहो, मध्य प्रदेश
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आदि वराह मंदिर, मथुरा, उत्तर प्रदेश
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वराह मंदिर, मुक्तिनाथ, नेपाल
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श्री लक्ष्मी वराह मंदिर, तिरुविन्नगर, तमिलनाडु

🎉 त्योहार

वराह जयंती वराह द्वादशी दशावतार उत्सव एकादशी व्रत भूमि पूजा पृथ्वी संरक्षण से जुड़े आध्यात्मिक आयोजन

✨ महत्व

वराह अवतार पृथ्वी की पवित्रता, पर्यावरण संरक्षण, शक्ति और करुणा का प्रतीक है। वे बताते हैं कि जब लोभ और अधर्म पृथ्वी को डुबो देते हैं, तब दिव्य शक्ति उसे पुनः उठाती है।

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इस देवता से संबंधित और सामग्री जल्द ही जोड़ी जाएगी।