विश्वकर्मा — Divine Architect
त्वष्टा, प्रजापति विश्वकर्मा, देवशिल्पी, देव वर्धकि, शिल्प शास्त्र प्रवर्तक, तक्ष, रथकार, अस्त्र-निर्माता, कर्म-देवता, विराज
Vedic and Puranic Deitiesपूजा दिवस
विश्वकर्मा पूजा — 17 सितंबर / कन्या संक्रांति; कुछ क्षेत्रों में दीपावली और दशहरा/आयुध पूजा पर भी
अर्पण
औजार, मशीनें, लोहे/धातु की वस्तुएँ, इंजीनियरिंग drawings, पीले फूल, गेंदे की माला, फल, लड्डू, पेड़ा
रंग
सफेद, स्वर्ण और पीला
मूल मंत्र
ॐ नमो विश्वकर्मणे महादेवाय धीमहि सर्व-सिद्धि-प्रदायिने नमः स्वाहा
परिचय
भगवान विश्वकर्मा देवताओं के दिव्य वास्तुकार, शिल्पी और ब्रह्मांडीय इंजीनियर हैं। उन्होंने दिव्य नगर, स्वर्गीय रथ, अद्भुत महल, देवताओं के अस्त्र और अनेक पवित्र संरचनाएँ बनाई मानी जाती हैं। वे हर कारीगर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, डिजाइनर, तकनीशियन, factory worker और tool-based काम करने वाले व्यक्ति के आराध्य हैं।
🛕 प्रसिद्ध मंदिर
विश्वकर्मा मंदिर, माचेरला, आंध्र प्रदेश
विश्वकर्मा मंदिर, चित्रदुर्ग, कर्नाटक
विश्वकर्मा मंदिर, नाशिक, महाराष्ट्र
विश्वकर्मा मंदिर, पुरी, ओडिशा
त्वष्टा विश्वकर्मा मंदिर, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
विश्वकर्मा मंदिर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
विश्वकर्मा industrial area temples, जमशेदपुर, बोकारो, भिलाई और अन्य शहर
विश्वकर्मा मंदिर, राजकोट, गुजरात
🎉 त्योहार
विश्वकर्मा पूजा
विश्वकर्मा जयंती
दीपावली विश्वकर्मा पूजा
रथयात्रा रथ निर्माण परंपरा
आयुध पूजा
✨ महत्व
विश्वकर्मा यह सिखाते हैं कि काम केवल रोज़गार नहीं, बल्कि साधना भी है। सही माप, सही सामग्री, सही design और ईमानदार श्रम से सामान्य वस्तु भी दिव्य बन सकती है। वे craftsmanship, innovation, engineering, architecture और कर्म की पवित्रता के प्रतीक हैं।
🙏
इस देवता से संबंधित और सामग्री जल्द ही जोड़ी जाएगी।