Bhairav Chalisa Lyrics

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Bhairav Chalisa Lyrics in Hindi

॥ दोहा ॥
श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
चालीसा वंदन करो, श्री शिव भैरवनाथ ॥
श्री भैरव संकट हरण, मंगल करण कृपाल ।
श्याम वरण विकराल वपु, लोचन लाल विशाल ॥

॥ चौपाई ॥
जय जय श्री काली के लाला । जयति जयति काशी-कुतवाला ॥

जयति बटुक-भैरव भय हारी । जयति काल-भैरव बलकारी ॥

जयति नाथ-भैरव विख्याता । जयति सर्व-भैरव सुखदाता ॥

भैरव रूप कियो शिव धारण । भव के भार उतारण कारण ॥

भैरव रव सुनि हवै भय दूरी । सब विधि होय कामना पूरी ॥

शेष महेश आदि गुण गायो । काशी-कोतवाल कहलायो ॥

जटा जूट शिर चंद्र विराजत । बाला मुकुट बिजायठ साजत ॥

कटि करधनी घुंघरू बाजत । दर्शन करत सकल भय भाजत ॥

जीवन दान दास को दीन्ह्यो । कीन्ह्यो कृपा नाथ तब चीन्ह्यो ॥

वसि रसना बनि सारद-काली । दीन्ह्यो वर राख्यो मम लाली ॥

धन्य धन्य भैरव भय भंजन । जय मनरंजन खल दल भंजन ॥

कर त्रिशूल डमरू शुचि कोड़ा । कृपा कटाक्ष सुयश नहिं थोडा ॥

जो भैरव निर्भय गुण गावत । अष्टसिद्धि नव निधि फल पावत ॥

रूप विशाल कठिन दुख मोचन । क्रोध कराल लाल दुहुं लोचन ॥

अगणित भूत प्रेत संग डोलत । बम बम बम शिव बम बम बोलत ॥

रुद्रकाय काली के लाला । महा कालहू के हो काला ॥

बटुक नाथ हो काल गंभीरा । श्‍वेत रक्त अरु श्याम शरीरा ॥

करत नीनहूं रूप प्रकाशा । भरत सुभक्तन कहं शुभ आशा ॥

रत्‍न जड़ित कंचन सिंहासन । व्याघ्र चर्म शुचि नर्म सुआनन ॥

तुमहि जाइ काशिहिं जन ध्यावहिं । विश्वनाथ कहं दर्शन पावहिं ॥

जय प्रभु संहारक सुनन्द जय । जय उन्नत हर उमा नन्द जय ॥

भीम त्रिलोचन स्वान साथ जय । वैजनाथ श्री जगतनाथ जय ॥

महा भीम भीषण शरीर जय । रुद्र त्रयम्बक धीर वीर जय ॥

अश्‍वनाथ जय प्रेतनाथ जय । स्वानारुढ़ सयचंद्र नाथ जय ॥

निमिष दिगंबर चक्रनाथ जय । गहत अनाथन नाथ हाथ जय ॥

त्रेशलेश भूतेश चंद्र जय । क्रोध वत्स अमरेश नन्द जय ॥

श्री वामन नकुलेश चण्ड जय । कृत्याऊ कीरति प्रचण्ड जय ॥

रुद्र बटुक क्रोधेश कालधर । चक्र तुण्ड दश पाणिव्याल धर ॥

करि मद पान शम्भु गुणगावत । चौंसठ योगिन संग नचावत ॥

करत कृपा जन पर बहु ढंगा । काशी कोतवाल अड़बंगा ॥

देयं काल भैरव जब सोटा । नसै पाप मोटा से मोटा ॥

जनकर निर्मल होय शरीरा । मिटै सकल संकट भव पीरा ॥

श्री भैरव भूतों के राजा । बाधा हरत करत शुभ काजा ॥

ऐलादी के दुख निवारयो । सदा कृपाकरि काज सम्हारयो ॥

सुन्दर दास सहित अनुरागा । श्री दुर्वासा निकट प्रयागा ॥

श्री भैरव जी की जय लेख्यो । सकल कामना पूरण देख्यो ॥

॥ दोहा ॥
जय जय जय भैरव बटुक स्वामी संकट टार । कृपा दास पर कीजिए शंकर के अवतार ॥

Bhairav Chalisa Lyrics in English and Hinglish

॥ doha ॥
Shri Ganapati Guru Gauri pad, prem sahit dhar matah.
Chalisa vandan karo, Shri Shiv Bhairavnath.

Shri Bhairav sankat haran, mangal karan kripal.
Shyam varan vikraal vapu, lochan laal vishal.

॥ chaupai ॥
Jay jay Shri Kaali ke laala.
Jayati jayati Kashi-Kutwala.

Jayati Batuk-Bhairav bhay haari.
Jayati Kaal-Bhairav balkaari.

Jayati Nath-Bhairav vikhyaata.
Jayati Sarv-Bhairav sukhdata.

Bhairav roop kiyo Shiv dharan.
Bhav ke bhaar utaaran kaaran.

Bhairav rav sunii havai bhay doori.
Sab vidhi hoy kaamna poori.

Shesh Mahesh aadi gun gaayo.
Kashi-Kotwal kahalayo.

Jata joot shir chandra viraajat.
Baala mukut bijayath saajat.

Kati kardarh ghunghroo baajat.
Darshan kart sakal bhay bhaajat.

Jeevan daan daas ko diinhyo.
Kiinjyo kripa nath tab cheenhyo.

Vasi rasna bani Sardar-Kaali.
Diinhyo var rakhiho mam laali.

Dhanya dhanya Bhairav bhay bhanjan.
Jay manranjan khal dal bhanjan.

Kar trishool damru shuchi koda.
Kripa kataksh suyash nahin thoda.

Jo Bhairav nirbhay gun gaavat.
Ashtsiddhi nav nidhi phal paavat.

Roop vishal kathin dukh mochan.
Krodh karal laal duhun lochan.

Agunit bhoot pret sang dolat.
Bam bam bam Shiv bam bam bolat.

Rudrakaya Kaali ke laala.
Maha kaalhu ke ho kaala.

Batuk Nath ho kaal gambhira.
Shvet rakt aru shyam sharira.

Karat neenhun roop prakaashaa.
Bharat subhaktan kahan shubh aasha.

Ratna jadit kanchan singhasan.
Vyaghra charm shuchi narm suaanan.

Tumhi jaai Kashi-hin jan dhyaavahin.
Vishwanath kahan darshan paavahin.

Jay Prabhu sanhaarak sunand jay.
Jay unnata har Uma nand jay.

Bheem Trilochan swan saath jay.
Vaijnath Shri Jagatnath jay.

Maha Bheem bheeshan sharir jay.
Rudra Trayambak dheer veer jay.

Ashvanath jay pretanath jay.
Swanarudh saychandra Nath jay.

Nimish digambar chakranath jay.
Gahat anathan nath haath jay.

Treshalesh bhootesh chandra jay.
Krodh vats Amresh nand jay.

Shri Vaman Nakulesh chanda jay.
Krittyaakiirti prachanda jay.

Rudra Batuk krodhesh kaaladhar.
Chakra tunda dash paanivyaal dhar.

Kari mad paan Shambhu gungavat.
Chausath yogin sang nachavat.

Karat kripa jan par bahu dhanga.
Kashi Kotwal adbanga.

Deyam kaal Bhairav jab sota.
Nasai paap mota se mota.

Janakar nirmal hoy shareera.
Mitae sakal sankat bhav peera.

Shri Bhairav bhootan ke raja.
Baadha harat kart shubh kaaja.

Ailadi ke dukh nivaarayo.
Sada kripa kari kaaj sambhaarayo.

Sundar daas sahit anuraagaa.
Shri Durvasa nikat Prayagaa.

Shri Bhairav ji ki jay lekhyo.
Sakal kaamna pooran dekho.

॥ doha ॥
Jay jay jay Bhairav Batuk swami sankat taar.
Kripa daas par kijiyega Shankar ke avataar.

Bhairav Chalisa Meaning in Hindi

दोहा

  1. श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ।
    भगवान गणेश, गुरु और देवी गौरी के चरणों को प्रेमपूर्वक अपने सिर पर धारण करते हैं।
  2. चालीसा वंदन करो, श्री शिव भैरवनाथ।
    भगवान शिव के भैरव नाथ का वंदन करते हुए चालीसा का पाठ करें।
  3. श्री भैरव संकट हरण, मंगल करण कृपाल।
    भगवान भैरव संकटों को हरने वाले और मंगल करने वाले कृपालु हैं।
  4. श्याम वरण विकराल वपु, लोचन लाल विशाल।
    उनका रूप काला, विकराल है, और उनकी आंखें लाल और विशाल हैं।

चौपाई

  1. जय जय श्री काली के लाला।
    जय हो, जय हो, देवी काली के पुत्र।
  2. जयति जयति काशी-कुतवाला।
    काशी के क守 करने वाले की जय हो।
  3. जयति बटुक-भैरव भय हारी।
    जय हो, भय को हरने वाले बटुक भैरव की।
  4. जयति काल-भैरव बलकारी।
    जय हो, काल भैरव जो बलवान हैं।
  5. जयति नाथ-भैरव विख्याता।
    जय हो, प्रसिद्ध नाथ भैरव की।
  6. जयति सर्व-भैरव सुखदाता।
    जय हो, सभी भैरव जो सुख देने वाले हैं।
  7. भैरव रूप कियो शिव धारण।
    भगवान शिव ने भैरव का रूप धारण किया।
  8. भव के भार उतारण कारण।
    ये भव के भार को उतारने का कारण हैं।
  9. भैरव रव सुनि हवै भय दूरी।
    भैरव के रवे को सुनकर भय दूर हो जाता है।
  10. सब विधि होय कामना पूरी।
    सभी विधियों में इच्छाएं पूरी होती हैं।
  11. शेष महेश आदि गुण गायो।
    भगवान शिव के गुणों का वर्णन करें।
  12. काशी-कोतवाल कहलायो।
    वे काशी के कोतवाल कहलाते हैं।
  13. जटा जूट शिर चंद्र विराजत।
    उनके सिर पर जटा और चंद्रमा विराजमान है।
  14. बाला मुकुट बिजायठ साजत।
    उनके सिर पर बाल मुकुट सजा है।
  15. कटि करधनी घुंघरू बाजत।
    उनकी कमर में घुंघरू बजी है।
  16. दर्शन करत सकल भय भाजत।
    उनका दर्शन करते ही सभी भय दूर हो जाते हैं।
  17. जीवन दान दास को दीन्ह्यो।
    उन्होंने अपने दास को जीवन का दान दिया।
  18. कीन्ह्यो कृपा नाथ तब चीन्ह्यो।
    उन्होंने कृपा की और तब उन्हें पहचाना गया।
  19. वसि रसना बनि सारद-काली।
    उनकी वाणी सारद-काली बन गई।
  20. दीन्ह्यो वर राख्यो मम लाली।
    उन्होंने वरदान दिया और मुझे सुरक्षित रखा।
  21. धन्य धन्य भैरव भय भंजन।
    धन्य हैं भैरव, जो भय का नाश करते हैं।
  22. जय मनरंजन खल दल भंजन।
    जय हो, जो मन को रंजन करते हैं और दुष्टों का नाश करते हैं।
  23. कर त्रिशूल डमरू शुचि कोड़ा।
    उनके हाथ में त्रिशूल, डमरू और शुद्ध कोड़ा है।
  24. कृपा कटाक्ष सुयश नहिं थोडा।
    उनकी कृपा का कटाक्ष कभी कम नहीं होता।
  25. जो भैरव निर्भय गुण गावत।
    जो भैरव की निर्भयता और गुणों का गान करते हैं।
  26. अष्टसिद्धि नव निधि फल पावत।
    उनके गुणों से अष्ट सिद्धियाँ और नव निधियाँ प्राप्त होती हैं।
  27. रूप विशाल कठिन दुख मोचन।
    उनका रूप विशाल है, जो कठिन दुखों को मोड़ देता है।
  28. क्रोध कराल लाल दुहुं लोचन।
    उनकी आंखें लाल हैं और क्रोध भी कराल है।
  29. अगणित भूत प्रेत संग डोलत।
    असंख्य भूत प्रेत उनके संग डोलते हैं।
  30. बम बम बम शिव बम बम बोलत।
    सब “बम बम शिव” का जयकारा लगाते हैं।
  31. रुद्रकाय काली के लाला।
    वे रुद्र के रूप में काली के पुत्र हैं।
  32. महा कालहू के हो काला।
    वे महाकाल के भी काले रूप में हैं।
  33. बटुक नाथ हो काल गंभीरा।
    बटुक नाथ काल के गम्भीर हैं।
  34. श्‍वेत रक्त अरु श्याम शरीरा।
    उनका शरीर श्वेत, रक्त और श्याम रंग का है।
  35. करत नीनहूं रूप प्रकाशा।
    उनका रूप प्रकाशमान है।
  36. भरत सुभक्तन कहं शुभ आशा।
    भक्तों को उनसे शुभ आशा है।
  37. रत्‍न जड़ित कंचन सिंहासन।
    उनका सिंहासन रत्न जड़ित और सुनहरा है।
  38. व्याघ्र चर्म शुचि नर्म सुआनन।
    उनका चेहरा व्याघ्र के चमड़े से सुशोभित है।
  39. तुमहि जाइ काशिहिं जन ध्यावहिं।
    जो लोग काशी में जाते हैं, वे तुम्हारा ध्यान करते हैं।
  40. विश्वनाथ कहं दर्शन पावहिं।
    वे विश्वनाथ के दर्शन प्राप्त करते हैं।
  41. जय प्रभु संहारक सुनन्द जय।
    जय हो प्रभु, संहारक, और सुनंद की।
  42. जय उन्नत हर उमा नन्द जय।
    जय हो उन्नत हर और उमा के पुत्र की।
  43. भीम त्रिलोचन स्वान साथ जय।
    भीम त्रिलोचन के साथ जय हो।
  44. वैजनाथ श्री जगतनाथ जय।
    जय हो वैजनाथ और श्री जगतनाथ की।
  45. महा भीम भीषण शरीर जय।
    महाभीम के भयंकर शरीर की जय हो।
  46. रुद्र त्रयम्बक धीर वीर जय।
    रुद्र त्रयम्बक धीर वीर की जय हो।
  47. अश्‍वनाथ जय प्रेतनाथ जय।
    जय हो अश्वनाथ और प्रेतनाथ की।
  48. स्वानारुढ़ सयचंद्र नाथ जय।
    जय हो स्वानारुड़ सयचंद्र नाथ की।
  49. निमिष दिगंबर चक्रनाथ जय।
    जय हो निमिष दिगंबर चक्रनाथ की।
  50. गहत अनाथन नाथ हाथ जय।
    जय हो, जो अनाथों का हाथ थामते हैं।
  51. त्रेशलेश भूतेश चंद्र जय।
    जय हो त्रिशूल और भूतेश चंद्र की।
  52. क्रोध वत्स अमरेश नन्द जय।
    जय हो क्रोध वत्स और अमरेश के पुत्र की।
  53. श्री वामन नकुलेश चण्ड जय।
    जय हो श्री वामन और नकुलेश की।
  54. कृत्याऊ कीरति प्रचण्ड जय।
    जय हो कृत्याओं और प्रचंड की कीर्ति की।
  55. रुद्र बटुक क्रोधेश कालधर।
    रुद्र बटुक जो कालधार हैं।
  56. चक्र तुण्ड दश पाणिव्याल धर।
    चक्र तुण्ड और दस पाणियों का धारक।
  57. करि मद पान शम्भु गुणगावत।
    शंभर गुणों का गान करते हुए मद पान करते हैं।
  58. चौसठ योगिन संग नाचावत।
    चौसठ योगिनियों के साथ नृत्य करते हैं।
  59. करत कृपा जन पर बहु ढंगा।
    वे जन पर कृपा करते हैं और बहु प्रकार की मदद करते हैं।
  60. काशी कोटवाल अडबंगा।
    काशी के कोतवाल की अद्भुत विशेषताएं हैं।
  61. दये काल भैरव जब सोता।
    जब काल भैरव सोते हैं।
  62. नसै पाप मोता से मोता।
    उनके प्रभाव से सबसे बड़े पाप समाप्त हो जाते हैं।
  63. जनकर निर्मल होय शरीर।
    जनका का शरीर निर्मल हो जाता है।
  64. मिटाए सकल संकट भव पीरा।
    वे सभी भव की पीड़ाओं का नाश करते हैं।
  65. श्री भैरव भूतन के राजा।
    श्री भैरव सभी भूतों के राजा हैं।
  66. बाधा हरत करत शुभ काजा।
    वे बाधाओं का नाश करते हैं और शुभ कार्य करते हैं।
  67. ऐलिदी के दुख निवारयो।
    वे ऐलिदी के दुखों का निवारण करते हैं।
  68. सदा कृपा करी काज संभालयो।
    वे हमेशा कृपा करते हैं और कार्य संभालते हैं।
  69. सुंदर दास सहित अनुरागा।
    सुंदर दास और उनके अनुराग।
  70. श्री दुर्वासा निकट प्रयागा।
    श्री दुर्वासा प्रयाग के निकट हैं।
  71. श्री भैरव जी की जय लेख्यो।
    श्री भैरव जी की जय का लेखा।
  72. सकल कामना पूरन देखो।
    सभी इच्छाओं का पूर्ण होने का देखो।

दोहा

  1. जय जय जय भैरव बटुक स्वामी संकट तार।
    जय हो, जय हो, जय हो, भैरव बटुक स्वामी, जो संकटों को दूर करते हैं।
  2. कृपा दास पर कीजिएगा शिव के अवतार।
    शिव के अवतार पर कृपा कीजिएगा, मेरे दास पर।

Bhairav Chalisa Meaning in English

Doha (Couplet)

  1. श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ।
    Holding the feet of Lord Ganapati, Guru, and Goddess Gauri with love on my head.
  2. चालीसा वंदन करो, श्री शिव भैरवनाथ।
    Worship the Chalisas, revering Lord Shiva, Bhairav Nath.
  3. श्री भैरव संकट हरण, मंगल करण कृपाल।
    Lord Bhairav, the remover of troubles, is compassionate and brings auspiciousness.
  4. श्याम वरण विकराल वपु, लोचन लाल विशाल।
    His form is dark and terrifying, with large, red eyes.

Chaupai (Verse)

  1. जय जय श्री काली के लाला।
    Hail, hail, the child of Goddess Kali!
  2. जयति जयति काशी-कुतवाला।
    Victory to the guardian of Kashi!
  3. जयति बटुक-भैरव भय हारी।
    Victory to Bhatuk Bhairav, the remover of fears!
  4. जयति काल-भैरव बलकारी।
    Victory to Kal Bhairav, the powerful one!
  5. जयति नाथ-भैरव विख्याता।
    Victory to Nath Bhairav, who is renowned!
  6. जयति सर्व-भैरव सुखदाता।
    Victory to all Bhairavs, who grant happiness!
  7. भैरव रूप कियो शिव धारण।
    Lord Shiva has taken the form of Bhairav.
  8. भव के भार उतारण कारण।
    He is the reason for lifting the burdens of existence.
  9. भैरव रव सुनि हवै भय दूरी।
    Hearing the sound of Bhairav, fears dissipate.
  10. सब विधि होय कामना पूरी।
    In all matters, wishes are fulfilled.
  11. शेष महेश आदि गुण गायो।
    Sing the qualities of Lord Shiva, the great one.
  12. काशी-कोतवाल कहलायो।
    He is known as the guardian of Kashi.
  13. जटा जूट शिर चंद्र विराजत।
    On his head, he wears matted hair and the moon shines.
  14. बाला मुकुट बिजायठ साजत।
    A crown adorned with jewels rests on his head.
  15. कटि करधनी घुंघरू बाजत।
    He wears bells around his waist that jingle.
  16. दर्शन करत सकल भय भाजत।
    By seeing him, all fears are eliminated.
  17. जीवन दान दास को दीन्ह्यो।
    He gives the gift of life to his devotees.
  18. कीन्ह्यो कृपा नाथ तब चीन्ह्यो।
    Then he recognized those who sought his grace.
  19. वसि रसना बनि सारद-काली।
    His tongue becomes a vessel of Saraswati and Kali.
  20. दीन्ह्यो वर राख्यो मम लाली।
    He grants boons and protects me dearly.
  21. धन्य धन्य भैरव भय भंजन।
    Blessed, blessed are Bhairav, the destroyer of fears.
  22. जय मनरंजन खल दल भंजन।
    Victory to the one who delights the mind and destroys evil.
  23. कर त्रिशूल डमरू शुचि कोड़ा।
    He holds a trident, a drum, and a pure club.
  24. कृपा कटाक्ष सुयश नहिं थोडा।
    His gracious glance never diminishes in glory.
  25. जो भैरव निर्भय गुण गावत।
    Those who sing of Bhairav’s fearless qualities.
  26. अष्टसिद्धि नव निधि फल पावत।
    They attain the eight Siddhis and the nine treasures.
  27. रूप विशाल कठिन दुख मोचन।
    His form is vast and it removes great sufferings.
  28. क्रोध कराल लाल दुहुं लोचन।
    His eyes are fierce and red with anger.
  29. अगणित भूत प्रेत संग डोलत।
    Countless spirits and ghosts swirl around him.
  30. बम बम बम शिव बम बम बोलत।
    Everyone chants “Bam Bam Shiva!”
  31. रुद्रकाय काली के लाला।
    He is the Rudra, the son of Goddess Kali.
  32. महा कालहू के हो काला।
    He is the dark one of Mahakal.
  33. बटुक नाथ हो काल गंभीरा।
    Bhatuk Nath, the serious one of time.
  34. श्‍वेत रक्त अरु श्याम शरीरा।
    His body is white, red, and dark.
  35. करत नीनहूं रूप प्रकाशा।
    His form is radiant and awakens all.
  36. भरत सुभक्तन कहं शुभ आशा।
    Devotees of Bharat have good hopes from him.
  37. रत्‍न जड़ित कंचन सिंहासन।
    His throne is golden and studded with jewels.
  38. व्याघ्र चर्म शुचि नर्म सुआनन।
    His face is adorned with a tiger skin and is pure and soft.
  39. तुमहि जाइ काशिहिं जन ध्यावहिं।
    Those who go to Kashi meditate on you.
  40. विश्वनाथ कहं दर्शन पावहिं।
    They attain the vision of Lord Vishwanath.
  41. जय प्रभु संहारक सुनन्द जय।
    Hail the Lord, the destroyer, and the delightful one!
  42. जय उन्नत हर उमा नन्द जय।
    Hail to the exalted one, the son of Uma!
  43. भीम त्रिलोचन स्वान साथ जय।
    Victory to Bhim Trilochan who is with us!
  44. वैजनाथ श्री जगतनाथ जय।
    Hail Vaijnath and Jagannath!
  45. महा भीम भीषण शरीर जय।
    Hail to the great Bhim with a fierce body!
  46. रुद्र त्रयोम्बक धीर वीर जय।
    Victory to Rudra, the fearless and brave one!
  47. अश्‍वनाथ जय प्रेतनाथ जय।
    Victory to Ashvanath and Pretanath!
  48. स्वानारुढ़ सयचंद्र नाथ जय।
    Hail to the lord riding on a dog and the moon!
  49. निमिष दिगंबर चक्रनाथ जय।
    Victory to the one with a wheel, the sky-clad one!
  50. गहत अनाथन नाथ हाथ जय।
    Hail to the protector of the helpless!
  51. त्रेशलेश भूतेश चंद्र जय।
    Victory to the lord of ghosts and the moon!
  52. क्रोध वत्स अमरेश नन्द जय।
    Hail to the angry lord, the son of the immortal!
  53. श्री वामन नकुलेश चण्ड जय।
    Victory to Vaman and Nakulesh!
  54. कृत्याऊ कीरति प्रचण्ड जय।
    Hail to the one whose fame is immense!
  55. रुद्र बटुक क्रोधेश कालधर।
    Rudra Bhatuk, the one holding time!
  56. चक्र तुण्ड दश पाणिव्याल धर।
    He holds a wheel and ten snakes in his hands.
  57. करि मद पान शम्भु गुणगावत।
    While drinking the wine of devotion, he sings the praises of Shambhu.
  58. चौसठ योगिन संग नाचावत।
    He dances with the sixty-four yoginis.
  59. करत कृपा जन पर बहु ढंगा।
    He showers blessings on his devotees in various ways.
  60. काशी कोटवाल अडबंगा।
    He is the protector of Kashi in an extraordinary way.
  61. दये काल भैरव जब सोता।
    When Kal Bhairav sleeps,
  62. नसै पाप मोता से मोता।
    All sins are washed away.
  63. जनकर निर्मल होय शरीर।
    The bodies of devotees become pure.
  64. मिटाए सकल संकट भव पीरा।
    He removes all sorrows and troubles of existence.
  65. श्री भैरव भूतन के राजा।
    Shri Bhairav is the king of all spirits.
  66. बाधा हरत करत शुभ काजा।
    He removes obstacles and does auspicious deeds.
  67. ऐलिदी के दुख निवारयो।
    He relieves the sorrows of the afflicted.
  68. सदा कृपा करी काज संभालयो।
    He always shows grace and takes care of matters.
  69. सुंदर दास सहित अनुरागा।
    With beautiful devotion from his devotees.
  70. श्री दुर्वासा निकट प्रयागा।
    Shri Durvasa is near Prayag.
  71. श्री भैरव जी की जय लेख्यो।
    All glory to Lord Bhairav!
  72. सकल कामना पूरन देखो।
    Behold the fulfillment of all wishes!

Doha (Couplet)

  1. जय जय जय भैरव बटुक स्वामी संकट तार।
    Hail, hail, hail to Bhairav Bhatuk Swami, who removes troubles!
  2. कृपा दास पर कीजिएगा शिव के अवतार।
    Please show grace upon me, your devotee, in the form of Shiva.

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