AtharvavedaAtharvaveda Kaanda 4
Atharvaveda Kaanda 4 Sukta 37 Mantra 1

Sanskrit Verse
कृमिनाशनम्।
१२ बादरायणिः। अजशृङ्गी, १ अप्सरसः, १-२, ६-१० औषधी अजशृङ्गी, ३-५ अप्सरसः, ७-१२ गन्धर्वाप्सरसः। अनुष्टुप्, ३ त्र्यवसाना षट् पदा त्रिष्टुप्, ५ प्रस्तारपङ्क्तिः, ७ परोष्णिक्, ११ षट् पदा जगती, १२ निचृत्।
त्वया॒ पूर्व॒मथ॑र्वाणो ज॒घ्नू रक्षां॑स्योषधे ।
त्वया॑ जघान क॒श्यप॒स्त्वया॒ कण्वो॑ अ॒गस्त्यः॑
१२ बादरायणिः। अजशृङ्गी, १ अप्सरसः, १-२, ६-१० औषधी अजशृङ्गी, ३-५ अप्सरसः, ७-१२ गन्धर्वाप्सरसः। अनुष्टुप्, ३ त्र्यवसाना षट् पदा त्रिष्टुप्, ५ प्रस्तारपङ्क्तिः, ७ परोष्णिक्, ११ षट् पदा जगती, १२ निचृत्।
त्वया॒ पूर्व॒मथ॑र्वाणो ज॒घ्नू रक्षां॑स्योषधे ।
त्वया॑ जघान क॒श्यप॒स्त्वया॒ कण्वो॑ अ॒गस्त्यः॑
English Translation
You, the healer, protect the herbs. You defeated the evil forces with your power.
Hindi Translation / हिंदी अनुवाद
तू, healer, जड़ी-बूटियों की रक्षा करता है। तूने अपनी शक्ति से बुराई को हराया।
Spiritual Significance / आध्यात्मिक महत्व
English
This mantra shows the power of nature and healing. It reminds us that there is strength in plants and the divine.
Hindi
यह मंत्र प्रकृति और चिकित्सा की शक्ति को दिखाता है। यह हमें याद दिलाता है कि पौधों और ईश्वर में ताकत है।
Practical Application / व्यावहारिक उपयोग
English
You can chant this mantra when you need healing or protection. Use it while meditating to connect with nature.
Hindi
जब आपको उपचार या सुरक्षा की आवश्यकता हो, तो आप इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। ध्यान करते समय इसका उपयोग करें ताकि आप प्रकृति से जुड़ सकें।
