AtharvavedaAtharvaveda Kaanda 6
Atharvaveda Kaanda 6 Sukta 123 Mantra 1

Sanskrit Verse
सौमनसम्।
१-५ भृगुः। विश्वे देवाः। त्रिष्टुप्, ३ द्विपदा साम्म्यनुष्टुप्, ४ एकावसाना द्विपदा प्राजापत्या भुरिगनुष्टु।
ए॒तं स॑धस्थाः॒ परि॑ वो ददामि॒ यं शे॑व॒धिमा॒वहा॑ज्जा॒तवे॑दाः ।
अ॒न्वा॒ग॒न्ता यज॑मानः स्व॒स्ति तं स्म॑ जानीत पर॒मे व्योऽमन्
१-५ भृगुः। विश्वे देवाः। त्रिष्टुप्, ३ द्विपदा साम्म्यनुष्टुप्, ४ एकावसाना द्विपदा प्राजापत्या भुरिगनुष्टु।
ए॒तं स॑धस्थाः॒ परि॑ वो ददामि॒ यं शे॑व॒धिमा॒वहा॑ज्जा॒तवे॑दाः ।
अ॒न्वा॒ग॒न्ता यज॑मानः स्व॒स्ति तं स्म॑ जानीत पर॒मे व्योऽमन्
English Translation
I give this offering to the divine beings. They are pleased with it and bring peace to the giver.
Hindi Translation / हिंदी अनुवाद
मैं यह भेंट देवताओं को देता हूँ। वे इससे खुश होते हैं और देने वाले को शांति लाते हैं।
Spiritual Significance / आध्यात्मिक महत्व
English
This mantra shows the importance of offering to the divine. It reminds us that when we give with a pure heart, we receive blessings in return.
Hindi
यह मंत्र भेंट देने के महत्व को दर्शाता है। यह हमें याद दिलाता है कि जब हम शुद्ध मन से देते हैं, तो हमें आशीर्वाद मिलता है।
Practical Application / व्यावहारिक उपयोग
English
You can use this mantra during prayers or offerings at home. It helps create a positive atmosphere and invites peace.
Hindi
आप इस मंत्र का उपयोग पूजा या भेंट के समय कर सकते हैं। यह सकारात्मक वातावरण बनाता है और शांति लाता है।
