AtharvavedaAtharvaveda Kaanda 6
Atharvaveda Kaanda 6 Sukta 45 Mantra 1

Sanskrit Verse
दुःष्वप्ननाशनम्।
१-३ अङ्गिराः प्रचेता, यमश्च। दुःष्वप्ननाशनम्। १ पथ्यापङ्क्तिः, २ भुरिक् त्रिष्टुप्, ३ अनुष्टुप्।
प॒रोऽपे॑हि मनस्पाप॒ किमश॑स्तानि शंससि ।
परे॑हि॒ न त्वा॑ कामये वृ॒क्षां वना॑नि॒ सं च॑र गृ॒हेषु॑ गोषु॑ मे॒ मनः॑
१-३ अङ्गिराः प्रचेता, यमश्च। दुःष्वप्ननाशनम्। १ पथ्यापङ्क्तिः, २ भुरिक् त्रिष्टुप्, ३ अनुष्टुप्।
प॒रोऽपे॑हि मनस्पाप॒ किमश॑स्तानि शंससि ।
परे॑हि॒ न त्वा॑ कामये वृ॒क्षां वना॑नि॒ सं च॑र गृ॒हेषु॑ गोषु॑ मे॒ मनः॑
English Translation
This mantra helps remove bad dreams. It calls upon the powers of the mind and nature.
Hindi Translation / हिंदी अनुवाद
यह मंत्र बुरे सपनों को दूर करने में मदद करता है। यह मन और प्रकृति की शक्तियों को बुलाता है।
Spiritual Significance / आध्यात्मिक महत्व
English
This mantra connects us with nature and our inner strength. It helps in overcoming fears and negative thoughts.
Hindi
यह मंत्र हमें प्रकृति और अपनी आंतरिक शक्ति से जोड़ता है। यह डर और नकारात्मक विचारों पर काबू पाने में मदद करता है।
Practical Application / व्यावहारिक उपयोग
English
You can chant this mantra before sleeping to have peaceful dreams. It can help calm your mind and improve your sleep.
Hindi
आप इस मंत्र को सोने से पहले पढ़ सकते हैं ताकि आप अच्छे सपने देख सकें। यह आपके मन को शांत करने और आपकी नींद को सुधारने में मदद कर सकता है।
