Atharvaveda Kaanda 8 Sukta 5 Mantra 1

Sanskrit Verse
१-२२ शुक्रः। कृत्यादूषणं, मन्त्रोक्तदेवताः। अनुष्टुप्, १,६ उपरिष्टाद्बृहती, २ त्रिपदा विराड् गायत्री, ३ चतुष्पदा भुरिग्जगती, ५ भुरिक्संस्तारपङ्क्तिः, ७-८ ककुम्मती, ९ पुरस्कृतिर्जगती, १० त्रिष्टुप्, ११ पथ्यापङ्क्तिः, १४ त्र्यवसाना षट्-पदा जगती, १५ पुरस्ताद्बृहती, १९ जगतीगर्भा त्रिष्टुप्, २० विराड्गर्भा प्रस्तारपङ्क्तिः, २१ विराड् त्रिष्टुप्, २२ त्र्यवसाना सप्तपदा विराड्गर्भा भुरिक्शक्वरी।
अ॒यं प्र॑तिस॒रो म॒णिर्वी॒रो वी॒राय॑ बध्यते ।
वी॒र्यऽवान्त्सपत्न॒हा शूर॑वीरः परि॒पाणः॑ सुम॒ङ्गलः॑
English Translation
This mantra talks about strength and courage. It praises a gem that helps heroes and good people. It connects with divine powers.
Hindi Translation / हिंदी अनुवाद
यह मंत्र ताकत और साहस के बारे में है। यह एक रत्न की प्रशंसा करता है जो नायकों और अच्छे लोगों की मदद करता है। यह दिव्य शक्तियों से जुड़ता है।
Spiritual Significance / आध्यात्मिक महत्व
English
This mantra encourages us to seek strength and bravery in our lives. It reminds us that we can connect with higher powers for support.
Hindi
यह मंत्र हमें अपने जीवन में ताकत और बहादुरी पाने के लिए प्रेरित करता है। यह हमें याद दिलाता है कि हम उच्च शक्तियों से मदद ले सकते हैं।
Practical Application / व्यावहारिक उपयोग
English
You can recite this mantra when you need confidence before a big task. It can be helpful in times of challenge to feel stronger.
Hindi
आप इस मंत्र को तब पढ़ सकते हैं जब आपको किसी बड़े काम से पहले आत्मविश्वास की जरूरत हो। यह मुश्किल समय में ताकत महसूस कराने में मदद कर सकता है।
