Atharvaveda Kaanda 9 Sukta 1 Mantra 1

Sanskrit Verse
१-२४ अथर्वा। मधु, अश्विनौ। त्रिष्टुप्, २ त्रिष्टुब्गर्भा पङ्क्तिः, ३ परानुष्टुप्,
६ यवमध्या अतिशक्वरीगर्भा महाबृहती, ७ यवमध्या अतिजागतर्भा महाबृहती,
८ बृहतीगर्भा संस्तारपङ्क्तिः, ९ पराबृहती प्रस्तारपङ्क्तिः, १० परोष्णिक्पङ्क्तिः,
११-१३, १५-१६, १८-१९ अनुष्टुप्, १४ पुर उष्णिक्, १७ उपरिष्टाद्विराड् बृहती, २० भुरिग्विष्टारपङ्क्तिः,
२१ एकावसाना द्विपदार्च्यनुष्टुप्, २२ त्रिपदा ब्राह्मी पुर उष्णिक्, २३ द्विपदा आर्ची पङ्क्तिः,
२४ त्र्यवसाना षट् पदाष्टिः।
दि॒वस्पृ॑थि॒व्या अ॒न्तरि॑क्षात् समु॒द्राद॒ग्नेर्वाता॑न्मधुक॒शा हि ज॒ज्ञे।
तां चा॑यि॒त्वामृतं॒ वसा॑नां हृ॒द्भिः प्र॒जाः प्रति॑ नन्दन्ति॒ सर्वाः॑
English Translation
This mantra talks about the sweet knowledge that comes from nature and the universe. It mentions how all beings celebrate life and joy.
Hindi Translation / हिंदी अनुवाद
यह मंत्र प्रकृति और ब्रह्मांड से मिलने वाले मीठे ज्ञान के बारे में है। यह बताता है कि सभी प्राणी जीवन और खुशी का जश्न मनाते हैं।
Spiritual Significance / आध्यात्मिक महत्व
English
This mantra teaches us to appreciate the sweetness of life and the connection we have with everything around us. It reminds us that joy is found in unity and nature.
Hindi
यह मंत्र हमें जीवन की मिठास और हमारे चारों ओर की हर चीज़ के साथ संबंध को समझने की शिक्षा देता है। यह याद दिलाता है कि खुशी एकता और प्रकृति में है।
Practical Application / व्यावहारिक उपयोग
English
You can use this mantra to start your day with positivity. Repeat it during meditation to feel connected to the world and spread joy.
Hindi
आप इस मंत्र का उपयोग अपने दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ कर सकते हैं। ध्यान के दौरान इसे दोहराएं ताकि आप दुनिया से जुड़े महसूस करें और खुशी फैलाएं।
