Mahabharata Adi Parva Shloka 14841
Shloka (श्लोक)
सुपर्णानिलवेगेन शवसनेन महाबलात
पञ्च वर्णानि पात्यन्ते पुष्पाणि भरतर्षभ
परत्यक्षं सर्वभूतानां नदीम अश्वरथां परति
⚡ Quick Meaning
तेजस्वी एवं शक्तिशाली नदी का वर्णन।
📖 Translations
English Translation
This verse describes a powerful river, swift as the wind, causing five colors of flowers to fall upon it, revealing its real essence. It suggests an awareness of nature’s beauty and power in relation to all beings.
हिंदी अनुवाद
यह श्लोक एक शक्तिशाली नदी का वर्णन करता है, जो हवा की तरह तेज है, और जो उसके पास पाँच रंगों के फूल गिराती है, इसके वास्तविक सार को प्रकट करती है। यह सभी जीवों के प्रति प्रकृति की सुंदरता और शक्ति की जागरूकता को दर्शाता है।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक भीम और कृष्ण के बीच संवाद में प्राकृतिक तत्वों की मुख्यता को दर्शाता है।
🧘 Meaning
रिवाजों के भीतर, यह प्रतीकात्मकता में बहता है एक शक्तिशाली तत्व।
🌟 Application
प्रकृति के प्रति सम्मान रखकर जीवन में संतुलन स्थापित करना आवश्यक है, जैसा कि यह श्लोक व्यक्त करता है।
