Mahabharata
Mahabharata Adi Parva Shloka 5808
Shloka (श्लोक)
निःशब्दे तु कृते तस्मिन धृष्टद्युम्नॊ विशां पते
रङ्गमध्यगतस तत्र मेघगम्भीरया गिरा
⚡ Quick Meaning
धृष्टद्युम्न ने सभा में गूंजती हुई आवाज में असाधारण शब्द कहे।
📖 Translations
English Translation
In the silence that ensued, Dhrishtadyumna, standing in the middle of the arena, spoke words of profound significance in a thunderous voice.
हिंदी अनुवाद
उस चुप्पी में धृष्टद्युम्न ने रङ्ग के मध्य से महान अर्थ वाले शब्द गूंजती आवाज में कहे।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक उस क्षण का वर्णन करता है जब धृष्टद्युम्न ने सभा में महत्वपूर्ण संवाद प्रस्तुत किया।
🧘 Meaning
यह गूंजता हुआ संवाद शक्ति और साहस का प्रतीक है, जिसमें लोगों को प्रेरित करने की क्षमता होती है।
🌟 Application
शब्दों की शक्ति को समझते हुए, हमें अपने विचार स्पष्टता से व्यक्त करने की आवश्यकता है।
