Mahabharata Udyoga Parva – दत्ते वरे गते विप्रे चिन्तासीन महती ततः

Shloka (श्लोक)
दत्ते वरे गते विप्रे चिन्तासीन महती ततः
परह्रादस्य महाराज निश्चयं न च जग्मिवान
⚡ Quick Meaning
वर मिलने पर पंडित अत्यधिक चिंतित हो गए, पर परह्राद का मन नहीं बदला।
Translations
English Translation
Upon receiving the boon, the sage became deeply contemplative, yet Prahlada remained steadfast in his resolve. This reflects the contrast between those who worry about consequences and those who maintain their path regardless of outcomes.
हिंदी अनुवाद
वर मिलने के बाद, पंडित अत्यधिक विचारमग्न हो गए, फिर भी परह्राद ने अपने निश्चय में स्थिरता दिखाई। यह उनके बीच के अंतर को दर्शाता है।
Commentary
Context
यह श्लोक धर्म के प्रति निष्ठा दिखाता है, चाहे परिस्थितियाँ कैसे भी हों, यह शांति पर्व में ध्यान केंद्रित करता है।
Meaning
यह श्लोक यह सिखाता है कि सच्ची निष्ठा और विश्वास हमारे मार्ग में बाधाओं को नहीं आने देते।
Application
हमें अपनी प्राथमिकताओं और विचारों को दृढ़ रखने की प्रेरणा मिलती है, चाहे हालात कैसे भी हों।
