Mahabharata Vana Parva – वयथितः कर्म तत कृत्वा शॊकॊपहतचेतनः
Shloka (श्लोक)
वयथितः कर्म तत कृत्वा शॊकॊपहतचेतनः
जगाम हैहयानां वै सकाशं परथितात्मनाम
⚡ Quick Meaning
विषाद में भरे हुए, वे राजा के पास पहुंचे।
Translations
English Translation
This shloka describes the plight of individuals who, burdened by grief and confusion after their actions, approach King Haihayas seeking solace. It reflects the emotional struggles of individuals and their reliance on leadership during challenging times.
हिंदी अनुवाद
यह श्लोक उन व्यक्तियों की स्थिति को दर्शाता है, जो दुखी और चिंतित होकर राजा के पास आश्रय के लिए जाते हैं। यह पारिवारिक और सामाजिक संबंधों का भी प्रतीक है।
Commentary
Context
यह प्रसंग एक ऐसे समय का है जब पात्रों को मानसिक और भावनात्मक समर्थन की आवश्यकता है। यह श्लोक मानव जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
Meaning
यह श्लोक यह दर्शाता है कि निराशा के समय में सहायता और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।
Application
हमें अपने दिमाग की स्थिति को संभालने में साहस और नेतृत्व की आवश्यकता है।
