Mahabharata Vana Parva – साभिवाद्य पितुः पादौ शेषाः पूर्वं निवेद्य च
Shloka (श्लोक)
साभिवाद्य पितुः पादौ शेषाः पूर्वं निवेद्य च
कृताञ्जलिर वरारॊहा नृपतेः पार्श्वतः सथिता
⚡ Quick Meaning
सावित्री ने अपने पिता को प्रणाम करते हुए सम्मानपूर्वक खड़ी हुई।
Translations
English Translation
With folded hands, Savitri stood beside her father, offering respectful salutations to him. This moment represents the virtues of humility and reverence inherent in familial relationships.
हिंदी अनुवाद
सावित्री ने कृतज्ञता से अपने पिता को प्रणाम करते हुए, ससम्मान उनके पास खड़ी हुई। यह क्षण परिवार के संबंधों में विनम्रता और श्रद्धा के गुणों का प्रतीक है।
Commentary
Context
यह श्लोक परिवार के प्रति सावित्री की श्रद्धा और उनके पिता के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
Meaning
यह दर्शाता है कि अनुग्रह और सम्मान, मानव संबंधों का अभिन्न हिस्सा हैं, जो हमें एकजुट करते हैं।
Application
हमें अपने परिवार के प्रति सम्मान प्रकट करना चाहिए और उनके योगदान को सशक्त करना चाहिए।
