Mahabharata Adi Parva Shloka 1108
Shloka (श्लोक)
[बृह]तवापराधाद देवेन्द्र परमादाच च शतक्रतॊ
तपसा वालखिल्यानां भूतम उत्पन्नम अद्भुतम
⚡ Quick Meaning
प्रभासित होते हुए, शतक्रतु को दिव्य भाई से एक अद्भुत स्थिति का सामना करना पड़ता है।
📖 Translations
English Translation
This verse indicates that due to some offense by Shatakratu and a great lapse on the part of Devendra, there are remarkable occurrences arising from the austerity of the Valakhilyas, which are astonishing in nature.
हिंदी अनुवाद
यह श्लोक बताते हैं कि शतक्रतु द्वारा किए गए किसी अपराध और देवेंद्र की एक बड़ी चूक के कारण वालखिल्याओं की तपस्या से अद्भुत घटनाएँ उत्पन्न हो रही हैं।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक आदिपर्व के श्लोक 1109 में है, जो दिव्य आकांक्षाओं और शक्तियों की चर्चा करता है।
🧘 Meaning
श्लोक बताता है कि जब देवताओं के बीच चूक होती है, तब अद्भुत घटनाएँ घटित होती हैं, जो ध्यान आकर्षित करती हैं।
🌟 Application
यह श्लोक हमारे लिए यह सिखाता है कि ध्यान और आत्मिक ऊर्जा का सही उपयोग अद्भुत परिणाम ला सकता है।
