Mahabharata Adi Parva Shloka 3800
Shloka (श्लोक)
ततः सत्यवतीं भीष्मः कौसल्यां च यशस्विनीम
शुभैः पाण्डुजितै रत्नैस तॊषयाम आस भारत
⚡ Quick Meaning
भीष्म ने सत्यवती और कौसल्या को आभूषण भेंट किए।
📖 Translations
English Translation
Bhishma pleased Satyavati and the illustrious Kausalya with precious jewels, signifying his appreciation and care for their roles in the family. This gesture highlights the importance of honoring and valuing key figures within one’s life.
हिंदी अनुवाद
भीष्म ने सत्यवती और यशश्वी कौसल्या को रत्न भेंट किए, जो उनके परिवार में उनके महत्व को दर्शाता है। यह इशारा यह बताता है कि अपने जीवन में महत्वपूर्ण व्यक्तियों का सम्मान करना आवश्यक है।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक भव्यता और श्रद्धा का प्रतीक है, जो भीष्म ने अपने रिश्तेदारों के प्रति प्रदर्शित किया।
🧘 Meaning
इसका अर्थ है कि परिवार में प्यार और सम्मान को बनाए रखना अनिवार्य है।
🌟 Application
हमें अपने प्रियजनों को महत्व देना चाहिए और उनके प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए।
