Mahabharata Adi Parva Shloka 8952
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Shloka (श्लोक)
रथानां शकटानां च हयानां चायुतानि मे
युक्तानाम एव तिष्ठन्ति वाहैर उच्चावचैर वृताः
⚡ Quick Meaning
राजा दुर्योधन के रथों और घोड़ों की संख्या के बारे में बात कर रहा है।
📖 Translations
English Translation
The King Duryodhana speaks of the numerous chariots and horses that are positioned correctly and are equipped. He points out the strength of his army against the Pandavas.
हिंदी अनुवाद
राजा दुर्योधन बड़ी संख्या में अपने रथों और घोड़ों के सही स्थिति की और उचित ढंग से सेना की बात कहता है। यह पांडवों के सामने उनकी सेना की शक्ति को दिखाता है।
🔍 Commentary
📜 Context
दुर्योधन सभा में अपने रथों और घोड़ों की संख्या का प्रदर्शन कर रहा है। यह संख्या युद्ध में उसकी सेना की क्षमता को संदर्भित करती है।
🧘 Meaning
इस श्लोक में शक्ति, संगठन और युद्ध की तैयारी की महत्ता को बताया गया है। यह दर्शाता है कि किस प्रकार अर्जित संसाधनों का प्रबंधन आवश्यक है।
🌟 Application
संगठित प्रयास और संसाधनों का सही उपयोग युद्ध और सफलता के लिए अनिवार्य है। यह श्लोक हमें सिखाता है कि किसी भी कार्य को अंजाम देने के लिए व्यवस्थित होना चाहिए।
