Mahabharata Adi Parva Shloka 8954
Shloka (श्लोक)
षष्टिस तानि सहस्राणि सर्वे पृथुल वक्षसः
एतद राजन धनं मह्यं तेन दीव्याम्य अहं तवया
⚡ Quick Meaning
यह श्लोक धन की प्रचुरता का वर्णन करता है जो राजा के पास है।
📖 Translations
English Translation
This verse highlights the abundance of wealth, stating that the king has a thousand units of thick wealth which he can use for divining or gambling.
हिंदी अनुवाद
यह श्लोक धन की प्रचुरता को उजागर करता है, यह कहते हुए कि राजा के पास हजारों धन के इकाइयाँ हैं जिसका वह जुआ खेलने के लिए उपयोग कर सकता है।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक धन, शक्ति और सामाजिक स्थिति का महत्व दर्शाता है, जो राजा को उसकी स्थिति में शक्ति देता है।
🧘 Meaning
धन सम्पत्ति की शक्ति का प्रतीक है, और इसका सही उपयोग जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण होता है।
🌟 Application
धन का सही प्रबंधन और उसके उपयोग का ज्ञान सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
