Mahabharata Adi Parva Shloka 8955
Shloka (श्लोक)
एतच छरुत्वा वयवसितॊ निकृतिं समुपाश्रितः
जितम इत्य एव शकुनिर युधिष्ठिरम अभाषत
⚡ Quick Meaning
यह श्लोक युधिष्ठिर से शकुनि के संवाद का वर्णन करता है।
📖 Translations
English Translation
In this shloka, the cunning Shakuni, after listening to the decision, addresses Yudhishthira with a significant remark, indicating a strategic move.
हिंदी अनुवाद
इस श्लोक में, चालाक शकुनी निर्णय सुनने के बाद युधिष्ठिर से महत्वपूर्ण बात करता है, जो एक रणनीतिक कदम को इंगित करता है।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक युधिष्ठिर और शकुनि के बीच की प्रतियोगिता को दर्शाता है, जिसमें रणनीति और चतुराई का खेल चलता है।
🧘 Meaning
शकुनि की चतुराई और मस्तिष्क की भूमिका इस महाभारत कथा में अनिवार्य है, जो बातों को मोड़ने की क्षमता दिखाता है।
🌟 Application
व्यवसाय या जीवन में चतुराई और अनुमान लगाने की कला महत्वपूर्ण होती है, ताकि सही निर्णय लिया जा सके।
