Mahabharata Adi Parva Shloka 8956
Shloka (श्लोक)
ताम्रलॊहैर परिवृता निधयॊ मे चतुर्शताः
पञ्च दरौणिक एकैकः सुवर्णस्याहतस्य वै
एतद राजन धनं मह्यं तेन दीव्याम्य अहं तवया
⚡ Quick Meaning
राजा अपनी धन की सम्पत्ति का वर्णन कर रहा है, जिसमें बहुमूल्य वस्तुएं शामिल हैं।
📖 Translations
English Translation
This verse describes the king’s wealth, detailing his treasure with 400 gold coins, emphasizing the luxurious possessions he holds for gambling.
हिंदी अनुवाद
यह श्लोक राजा की सम्पत्ति का वर्णन करता है, जिसमें 400 सोने की मुद्राओं के साथ-साथ अन्य बहुमूल्य वस्तुएं शामिल हैं, यह जुआ खेलने की ओर इशारा करता है।
🔍 Commentary
📜 Context
राजा दुर्योधन अपनी धन-दौलत के प्रदर्शन में लगा हुआ है, जो उसकी स्थिति और प्रभाव का प्रतीक है।
🧘 Meaning
यह श्लोक धन की महत्ता और उसके सामर्थ्य को दर्शाता है, जो विभिन्न गतियों में उपयोगी होता है।
🌟 Application
धन का सही उपयोग और वितरण समाज में ताकत और प्रभाव सुनिश्चित कर सकता है।
