Mahabharata Adi Parva Shloka 14845
Shloka (श्लोक)
ततः शैलॊत्तमस्याग्रं चित्रमाल्य धरं शिवम
वयपेतभयसंमॊहाः पश्यन्तु सुहृदस तव
⚡ Quick Meaning
सुरम्य शिखर का सौंदर्य और मित्रों की दृष्टि।
📖 Translations
English Translation
This shloka depicts the beauty of the highest peak adorned with colorful flowers and the divine presence it holds. It suggests that friends are captivated by its mesmerizing charm, removing all fear and illusion, symbolizing unity and appreciation of nature.
हिंदी अनुवाद
यह श्लोक ऊँचे शिखर की सुंदरता और उसके रंग-बिरंगे फूलों के साथ दिव्य उपस्थिति का चित्रण करता है। यह सुझाव देता है कि मित्र उसकी मोहक सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो जाते हैं, जो सभी भय और भ्रांतियों को हटा देता है।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक मित्रता और प्रकृति के प्रति सहानुभूति को उजागर करता है, जो इस ऊँचे शिखर के सौंदर्य में निहित है।
🧘 Meaning
यह श्लोक मन की शांति और सौंदर्य के अनुभव की गहराई को दर्शाता है जो मित्रता में निहित है।
🌟 Application
प्रकृति की सुंदरता और मित्रता के साथ जीना, जो हमें तनाव से मुक्ति दिलाता है।
