Mahabharata Adi Parva Shloka 1111
Shloka (श्लोक)
[स]शरुत्वैतद वचनं शक्रः परॊवाचामृत रक्षिणः
महावीर्यबलः पक्षी हर्तुं सॊमम इहॊद्यतः
⚡ Quick Meaning
शुक्र ने अमृत रक्षक से कहा कि महान दिव्य शक्तियों वाला पक्षी चाँद को यहाँ से छिन लेगा।
📖 Translations
English Translation
This verse records the dialogue of Shakra, who, upon hearing this declaration, responds by affirming that a powerful celestial bird will indeed seize the moon from this location, showcasing divine confidence.
हिंदी अनुवाद
यह श्लोक शक्र के संवाद का वर्णन करता है, जो इस घोषणा को सुनकर पुष्टि करते हैं कि एक शक्तिशाली दिव्य पक्षी यहाँ से चाँद को अवश्य छीन लेगा, जो दिव्य आत्मविश्वास को दर्शाता है।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक आदिपर्व के श्लोक 1112 में है, जहां दिव्य संवाद और घटनाओं का उल्लेख है।
🧘 Meaning
यह श्लोक प्रकट करता है कि जब दैवीय शक्तियाँ एकत्र होती हैं, तब अनुत्तम घटनाएँ घटित होती हैं।
🌟 Application
यह हमें इस बात का एहसास दिलाता है कि अदृश्य शक्तियों और संयोगों से असंभव कार्य भी संभव हो सकते हैं।
