Mahabharata Adi Parva Shloka 5811
Shloka (श्लोक)
तान एवम उक्त्वा दरुपदस्य पुत्रः; पश्चाद इदं दरौपदीम अभ्युवाच
नाम्ना च गॊत्रेण च कर्मणा च; संकीर्तयंस तान नृपतीन समेतान
⚡ Quick Meaning
द्रुपद के पुत्र ने द्रौपदी से कहा, इन नृपतियों का नाम और गुण बताओ।
📖 Translations
English Translation
Thus speaking, Drupada’s son then addressed Draupadi, asking her to recount the names and qualities of the kings present in the assembly.
हिंदी अनुवाद
इस प्रकार कहते हुए, द्रुपद के पुत्र ने द्रौपदी से कहा कि वह सभा के उपस्थित नृपतियों के नाम और गुण बताएं।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक एक संवाद दर्शाता है, जो नृपतियों की पहचान और उनके कार्यों के महत्व को दिखाता है।
🧘 Meaning
यह श्लोक संबोधन और पहचान के महत्व को व्यक्त करता है, जो सदियों से सामाजिक संरचनाओं का आधार रहा है।
🌟 Application
सामाजिक सम्पर्क में, सभी की पहचान करना और उनके योगदान को मान्यता देना चाहिए।
“`
