Mahabharata Udyoga Parva – उग्रधन्वा महेष्वासॊ दिव्यम अस्त्रम उदीरयन

Shloka (श्लोक)
उग्रधन्वा महेष्वासॊ दिव्यम अस्त्रम उदीरयन
वार्ध कषत्रिर उपासेधत परवणाद इव कुञ्जरान
⚡ Quick Meaning
उग्रधन्वा ने दिव्य अस्त्र को प्रकट किया।
Translations
English Translation
The formidable archer, Ugradhanu, revealed a divine weapon and positioned himself like an elephant charging into battle. This imagery conveys the might of both the warrior and the weapon he is about to unleash.
हिंदी अनुवाद
उग्रधन्वा ने एक दिव्य अस्त्र प्रकट किया और एक युद्ध मेंCharging हथियार के समान खड़ा हो गया। यह चित्रण योद्धा और उसके द्वारा छोड़े जा रहे अस्त्र की शक्ति को दर्शाता है।
Commentary
Context
यह श्लोक युद्ध के समय का संदर्भ दर्शाता है जब उग्रधन्वा ने अपनी महाशक्ति का प्रदर्शन किया। यह युद्ध की स्थिति को दर्शाता है।
Meaning
इसका अर्थ है कि एक महान योद्धा अपने सामर्थ्य का उपयोग करते समय स्वयं को तैयार करता है। यह युद्ध के दौरान साहस और शक्ति को समर्पित करता है।
Application
हमारे जीवन में भी हमें अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करना चाहिए और कठिनाईयों का सामना करने के लिए दृढ़ रहना चाहिए।
