Mahabharata Udyoga Parva – एवं सरस्वती राजन सतूयमाना महर्षिणा

Shloka (श्लोक)
एवं सरस्वती राजन सतूयमाना महर्षिणा
वेगेनॊवाह तं विप्रं विश्वामित्राश्रमं परति
⚡ Quick Meaning
राजन, सरस्वती देवी महर्षियों द्वारा स्तुति की जाती हैं।
Translations
English Translation
Thus, O King, the divine Saraswati is praised by the great sages and swiftly leads them towards the abode of Vishwamitra, guiding their spiritual endeavors.
हिंदी अनुवाद
इस प्रकार, हे राजन, देवी सरस्वती महर्षियों द्वारा स्तुति की जाती हैं और शीघ्रता से उन्हें विश्वामित्र के आश्रम की ओर ले जाती हैं, उनके आध्यात्मिक प्रयासों को मार्गदर्शन देती हैं।
Commentary
Context
यह श्लोक महर्षियों के बीच देवी सरस्वती की प्रसंगिकता को दर्शाता है और उनकी स्तुति का पक्ष रखता है।
Meaning
यहाँ सरस्वती का महत्व दिखाया गया है, जो ज्ञान और आध्यात्म का मार्ग प्रदान करती हैं।
Application
हम अपने जीवन में ज्ञान की प्राप्ति के लिए सरस्वती की आराधना और भूमिका को महत्व दे सकते हैं।
