Mahabharata Udyoga Parva – गालवस तव अभ्यनुज्ञाय सुपर्णं पन्नगाशनम

Shloka (श्लोक)
गालवस तव अभ्यनुज्ञाय सुपर्णं पन्नगाशनम
पितुर निर्यात्य तां कन्यां परययौ वनम एव ह
⚡ Quick Meaning
गालव ने सुपर्ण को अनुमति देकर अपनी कन्या को वन की ओर भेजा।
Translations
English Translation
Having secured permission from Gaalava, he directed Suparna and sent his daughter towards the forest, showcasing the bond of trust and lineage in transitioning to a new phase in life.
हिंदी अनुवाद
गालव से अनुमति लेने के बाद, उसने सुपर्ण को निर्देशित किया और अपनी कन्या को वन की ओर भेजा, जो जीवन के नए चरण में बदलाव को दर्शाता है।
Commentary
Context
यह श्लोक जीवन के बदलते चरणों की तैयारी और रिश्तों के महत्व पर जोर देता है।
Meaning
यह विश्वास, अनुमति और संबंधों की गहराई को दर्शाता है जो हमें हमारे निर्णयों में मार्गदर्शन करते हैं।
Application
इस श्लोक से हमें वैवाहिक और पारिवारिक संबंधों में सहयोग और समर्थन की आवश्यकता का महत्व समझ में आता है।
