Mahabharata Udyoga Parva – विदुरं हय अवमन्यैष पितरं चैव मन्दभाक

Shloka (श्लोक)
विदुरं हय अवमन्यैष पितरं चैव मन्दभाक
बालॊ वृद्धावमानेन मन्दॊ मृत्युवशं गतः
⚡ Quick Meaning
विदुर का अपमान करने वाला बालक मृत्यु के वश में चला गया।
Translations
English Translation
The foolish child, who disrespected Vidura and his own father, has succumbed to the grasp of death. This verse illustrates the repercussions of disrespecting wise individuals and elders.
हिंदी अनुवाद
जो बालक विदुर और अपने पिता का अपमान करता है, वह मृत्यु के शिकंजे में फस गया है। यह श्लोक समझाता है कि विद्वानों और बड़ों का अपमान करने के परिणाम क्या होते हैं।
Commentary
Context
यह श्लोक दुर्योधन के कार्यों का परिणाम दर्शाता है, जो विदुर की सलाह को अनदेखा करता है।
Meaning
इससे यह सिखने को मिलता है कि बड़ों का सम्मान करना और उनके ज्ञान का उपयोग करना बेहद आवश्यक है।
Application
यह हमें यह सिखाता है कि असंतोष और अवज्ञा का फल कठिनाई में मिलता है और हमें आदर करना चाहिए।
