Mahabharata Vana Parva – अश्रुदुःखाभिभूताया मम मार्जस्व भारत
Shloka (श्लोक)
अश्रुदुःखाभिभूताया मम मार्जस्व भारत
आत्मनश चैव भद्रं ते कुरु मानं कुलस्य च
⚡ Quick Meaning
भीम को आंसूओं से भरपूर होकर अपनी इज्जत की रक्षा करने के लिए कहा गया।
Translations
English Translation
Addressing the one engulfed in sorrow, Bhima is urged to restore dignity to his lineage and himself, emphasizing the importance of pride and honor in battle.
हिंदी अनुवाद
जो सितारों से आंसुओं में लिपटा हुआ है, उसे भीम से कहा जाता है कि वह अपने वंश और स्वयं की गरिमा बहाल करें, जो युद्ध में आत्मा और सम्मान का महत्व दर्शाता है।
Commentary
Context
यह श्लोक दुख और बेहद पराजय के बीच उभरने की सकारात्मकता को दर्शाता है, जो विशेष रूप से युद्ध में प्रासंगिक है।
Meaning
इसमें समर्पण और गरिमा बनाए रखने का संदेश है, भले ही परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हो।
Application
यह हमें कष्ट के समय में धैर्य और संकल्प बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
