Mahabharata Vana Parva – मार्कण्डेयं महात्मानम ऊचुः पाण्डुसुतास तदा
Shloka (श्लोक)
[वै]मार्कण्डेयं महात्मानम ऊचुः पाण्डुसुतास तदा
माहात्म्यं दविजमुख्यानां शरॊतुम इच्छाम कथ्यताम
⚡ Quick Meaning
पाण्डवों ने महात्मा मार्कण्डेय से उनका माहात्म्य सुनने की याचना की।
Translations
English Translation
In this passage, the Pandavas express their desire to hear about the greatness of the sage Markandeya. It showcases their reverence for wisdom and their quest for knowledge from enlightened beings, emphasizing the importance of learning from the wise.
हिंदी अनुवाद
इस श्लोक में, पाण्डव महात्मा मार्कण्डेय से उनके महानता की कथा सुनने की इच्छा व्यक्त करते हैं। यह ज्ञान की महत्ता को दर्शाता है।
Commentary
Context
यह प्रसंग वन पर्व में आता है, जहाँ ज्ञान और उपदेश की आवश्यकता का निर्वहन किया जा रहा है। यह वार्ता के रूप में है।
Meaning
यह श्लोक उस ज्ञान और गहराई को दर्शाता है, जो पाण्डवों ने महात्माओं से प्राप्त करने का प्रयास किया।
Application
हम सभी को ज्ञान की तलाश करनी चाहिए और शिक्षित व्यक्तियों से सीखने का प्रयास करना चाहिए।
