Mahabharata Vana Parva – शल्यः शरुत्वा तु दूतानां सैन्येन महता वृतः
Shloka (श्लोक)
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शल्यः शरुत्वा तु दूतानां सैन्येन महता वृतः
अभ्ययात पाण्डवान राजन सह पुत्रैर महारथैः
⚡ Quick Meaning
शल्य, सुनकर दूतों की बात, पाण्डवों के संग युद्ध करना शुरू कर देता है।
Translations
English Translation
Hearing the messages from the envoys, Shalya, having gathered a mighty army, approached the Pandavas, accompanied by his heroic sons, ready for battle. His actions signify the alliance formed against the Pandavas, showcasing the preparations for the upcoming conflict.
हिंदी अनुवाद
दूतों की बात सुनकर शल्य, एक विशाल सेना लेकर पाण्डवों के पास आया, अपनेवीरों पुत्रों के साथ युद्ध के लिए तैयार। यह उनके पाण्डवों के खिलाफ गठजोड़ को दिखाता है, जो आगामी संघर्ष की तैयारियों को दर्शाता है।
Commentary
Context
यह श्लोक उस समय का है जब शल्य ने युद्ध की जानकारी प्राप्त की और पाण्डवों की ओर बढ़ने का निश्चय किया। यह उस संघर्ष की तैयारी को दर्शाता है जो महाभारत के युद्ध की दिशा में ले जाता है।
Meaning
यह श्लोक एक महत्वपूर्ण घटना को बताता है, जहां शल्य अपने वीर पुत्रों के साथ पाण्डवों के खिलाफ संगठित हो रहा है। यह प्रतीक है कि युद्ध की तैयारी एक नई दिशा ले रही है।
Application
इस श्लोक से हम सीख सकते हैं कि जब परिस्थितियाँ कठिन हों, तो एकत्रित होना और संगठित प्रयास करना बेहद महत्वपूर्ण है। यह समझने में मदद करता है कि एक नेता कैसे अपने अनुयायियों को प्रेरित कर सकता है।
