Mahabharata Vana Parva – शून्यं स नर्तनागारम आगमिष्यति कीचकः
Shloka (श्लोक)
शून्यं स नर्तनागारम आगमिष्यति कीचकः
एकॊ निशि महाबाहॊ कीचकं तं निषूदय
⚡ Quick Meaning
किचक का वध रात में अकेले करना चाहिए।
Translations
English Translation
In the silence of the night, Bhima is instructed to swiftly eliminate Kichaka as he approaches the deserted dance hall. The focus is on his strength and strategy in dealing with the adversary.
हिंदी अनुवाद
रात के सन्नाटे में, भीम को बताया जाता है कि वह तेजी से कीचक को खत्म कर दे जब वह सुनसान नर्तनागार की ओर बढ़ता है। यह उसके बल और रणनीति पर ध्यान केंद्रित करता है।
Commentary
Context
यह श्लोक विराट पर्व के अंतर्गत आता है, जहां भीम को कीचक से लड़ने के लिए तैयार किया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण संघर्ष का संकेत देता है।
Meaning
इस श्लोक में, भीम की साहसिकता और सटीकता का महत्व दर्शाया गया है, जो उसे एक सच्चे योद्धा बनाता है।
Application
यह श्लोक हमें अपने लक्ष्यों के प्रति अग्रसर रहने और कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा देता है।
