Mahabharata Vana Parva – सवदेशवेषाभरणा वीराः शतसहस्रशः
Shloka (श्लोक)
सवदेशवेषाभरणा वीराः शतसहस्रशः
तस्य सेना परणेतारॊ बभूवुः कषत्रियर्षभाः
⚡ Quick Meaning
शातसहस्र वीर, जो अपने देश के वेशभूषा में सजे हैं, उनकी सेना कषत्रिय नेता के नेतृत्व में है।
Translations
English Translation
Thousands of valorous warriors, adorned in their native attire, formed a powerful army under the command of an exalted Kshatriya leader. This assembly signifies not just a military force, but also a unity of purpose and cultural identity among the fighters.
हिंदी अनुवाद
हजारों वीर, जो अपने देश के परिधान में सजे हैं, एक शक्तिशाली सेना का निर्माण करते हैं, जो एक उच्च कोटि के कषत्रिय नेता के तहत है। यह एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
Commentary
Context
यह श्लोक ऐसे योद्धाओं का उल्लेख करता है जो अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ युद्ध में उतरे हैं। यह बताता है कि युद्ध केवल राजनैतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक भी होता है।
Meaning
यह दर्शाता है कि एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव युद्ध के मैदान में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह योद्धाओं के सामूहिक प्रयास को बल देने का काम करता है।
Application
यह सिखाता है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और पहचान ही हमें मजबूत बनाती है। जब हम एक साथ खड़े होते हैं, तो हम बड़े से बड़े संघर्ष का सामना कर सकते हैं।
