MahabharataVana Parva

Mahabharata Vana Parva – सावित्र्या परीतया दत्ता सावित्र्या हुतया हय अपि

Shloka (श्लोक)

सावित्र्या परीतया दत्ता सावित्र्या हुतया हय अपि
सावित्रीत्य एव नामास्याश चक्रुर विप्रास तथा पिता

⚡ Quick Meaning

सावित्री देवी ने अपने पिताओं के साथ मिलकर अनुकम्पा से चार ब्रह्माणों को दिया।

Translations

English Translation

Savitri, blessed by the Gods, gave her offerings to four Brahmins together with her fathers. This act highlights her connection with divine beings and reverence for the sacred rituals of her tradition.

हिंदी अनुवाद

सावित्री, जिन्हें देवताओं ने आशीर्वाद दिया, ने अपने पिताओं के साथ मिलकर चार ब्राह्मणों को आहूतियाँ अर्पित की। यह कार्य उनके दिव्य beings से संबंध और उनके परंपरा के लिए श्रद्धा को उजागर करता है।

Commentary

Context

यह श्लोक ‘वना पर्व’ से जुड़ा है, जो सावित्री के अद्भुत गुणों और कार्यों का वर्णन करता है।

Meaning

यह श्लोक सावित्री की दिव्यता और पितरों के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह हमें बताता है कि वह अपने कार्यों के द्वारा शक्ति का संचार करती हैं।

Application

सावित्री के इस कार्य से हमें प्रेरणा मिलती है कि हमें भी अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा पूर्वक अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।

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