Mahabharata Vana Parva – ततः सुमनसः शेषाः परतिगृह्य महात्मनः
Shloka (श्लोक)
ततः सुमनसः शेषाः परतिगृह्य महात्मनः
पितुः सकाशम अगमद देवी शरीर इव रूपिणी
⚡ Quick Meaning
सावित्री ने हर्षित होकर अपने पिता के पास पहुँची।
Translations
English Translation
The joyful Savitri, embracing her father’s presence, radiated a divine aura like a goddess, reflecting the deep bond of love and connection she shared with him.
हिंदी अनुवाद
खुशहाल सावित्री, अपने पिता की उपस्थिति से आलिंगन करते हुए, एक देवी की तरह दिव्य आभा बिखेर रही थीं, जो उनके बीच के गहरे प्यार और संबंध को दर्शाती है।
Commentary
Context
यह श्लोक सावित्री और उनके पिता के बीच की विशेष और भावुक संबंध को दर्शाता है।
Meaning
यह श्लोक दिखाता है कि परिवार और विशेषतर पिता का प्यार जीवन में एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है।
Application
हमें अपने परिवार को सराहना चाहिए और उनके साथ साझा किये गए प्यार और समर्थन को स्वीकार करना चाहिए।
