Mahabharata Adi Parva Shloka 1106
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Shloka (श्लोक)
तातस तराससमुद्विग्नः सह देवैः शतक्रतुः
उत्पातान दारुणान पश्यन्न इत्य उवाच बृहस्पतिम
⚡ Quick Meaning
शतक्रतु देवता के भय और उत्पातों को देखकर बृहस्पति से वार्ता करते हैं।
📖 Translations
English Translation
Shatakratu, in a state of fear and disturbance, observes the terrible calamities and speaks to Brihaspati concerning the situation. This shows the concern of the divine for the state of the world.
हिंदी अनुवाद
शतक्रतु, भय और विघटन की स्थिति में, भयंकर प्रकोपों को देखकर बृहस्पति से इस स्थिति के बारे में बात करते हैं। यह दुनिया की स्थिति के लिए दिव्य चिंता को दर्शाता है।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक आदिपर्व के श्लोक 1107 में है, जहां देवताओं के बीच गंभीर विचार-विमर्श हो रहा है।
🧘 Meaning
यह श्लोक एक गंभीर वातावरण का चित्रण करता है, जहां देवता उत्पातों का सामना कर रहे हैं।
🌟 Application
यह श्लोक दर्शाता है कि संकट के समय में, हमें सकारात्मक संवाद और समाधान की दिशा में विचार करना चाहिए।
