Mahabharata Vana Parva – दर्पाच च सूतपुत्रॊ ऽसौ गन्धर्वान अवमन्यते
Shloka (श्लोक)
दर्पाच च सूतपुत्रॊ ऽसौ गन्धर्वान अवमन्यते
तं तवं परहरतां शरेष्ठ नडं नाग इवॊद्धर
⚡ Quick Meaning
उच्चार पर, कीचक को गंधर्वों के सामने झुकाया जा रहा है।
Translations
English Translation
Bhima, the son of the charioteer, expresses disdain towards the Gandharvas, showcasing Kichaka’s arrogance. He is encouraged to strike with precision, similar to a serpent poised to strike.
हिंदी अनुवाद
सूत के पुत्र भीम गंधर्वों को लेकर अवमानना प्रकट करते हैं, जिससे कीचक की गर्वता प्रकट होती है। उन्हें सटीकता से प्रहार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जैसे एक विषधर सांप हमला करने के लिए तैयार हो।
Commentary
Context
यह श्लोक कीचक के गर्व को औसत करता है, और यह दर्शाता है कि कैसे भीम को उसकी शक्ति को पहचानना होता है।
Meaning
तरक में भीम का उद्देश्य किसी चुनौती का सामना करते समय अपनी शक्ति का सही उपयोग करना है।
Application
यह हमें सिखाता है कि हमें चुनौतियों का सामना करते समय आत्म-नियंत्रण और साहस बनाए रखना चाहिए।
