Mahabharata Adi Parva Shloka 5810
Shloka (श्लोक)
एतत कर्ता कर्म सुदुष्करं; यः कुलेन रूपेण बलेन युक्तः
तस्याद्य भार्या भगिनी ममेयं; कृष्णा भवित्री न मृषा बरवीमि
⚡ Quick Meaning
जिसने कठिन कार्य किया, उसकी पत्नी को अब मैं सच्ची समझता हूँ।
📖 Translations
English Translation
He who has accomplished this difficult task, I can now regard his wife as the true companion, and I affirm that she, Krishna, is indeed not to be disbelieved.
हिंदी अनुवाद
जिसने यह कठिन कार्य किया है, उसकी पत्नी को अब मैं सच्चा मानता हूँ। मैं कहता हूँ कि वह, कृष्णा, असत्य नहीं है।
🔍 Commentary
📜 Context
यह श्लोक विवाह की पवित्रता और एक व्यक्ति की महानता को दर्शाता है जब उनके कार्य की प्रशंसा की जाती है।
🧘 Meaning
यह श्लोक कठिन कार्य के लिए साथी के महत्व को रेखांकित करता है, जो जीवन के संघर्ष में साथ देते हैं।
🌟 Application
सच्चे साथियों का महत्व और उनके योगदान को समझना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है।
