Mahabharata Udyoga Parva – सैन्धवस्य महाराज पुत्रॊ राजा जयद्रथः

Shloka (श्लोक)
सैन्धवस्य महाराज पुत्रॊ राजा जयद्रथः
स पुत्रगृद्धिनः पार्थान सह सैन्यान अवारयत
⚡ Quick Meaning
जयद्रथ ने अपने पुत्र के लिए पाण्डवों को रोक दिया।
Translations
English Translation
King Jayadratha, the son of the Sindhu king, blocked the Pandavas with his army out of an attachment to his son. His actions reflect the depth of parental feelings in the battle context.
हिंदी अनुवाद
सिंधु राज के पुत्र जयद्रथ ने अपने बेटे के लिए पाण्डवों को अपने सैनिकों से रोक दिया। यह युद्ध के संदर्भ में माता-पिता की गहरी भावनाओं पर प्रकाश डालता है।
Commentary
Context
इस श्लोक का संदर्भ उस समय का है जब जयद्रथ ने अपने सैन्य बल का इस्तेमाल किया पाण्डवों को रोकने के लिए। यह प्रसंग उस युद्ध की तीव्रता को दर्शाता है।
Meaning
इस श्लोक का अर्थ यह है कि पिता का प्यार कभी-कभी युद्ध के दौरान भी बहुत बलशाली हो सकता है। यह पारिवारिक भावना को दर्शाता है।
Application
यह श्लोक हमें सिखाता है कि संघर्ष की परिस्थिति में भी मानवीय संबंधों की ताकत महत्वपूर्ण है, जो कभी-कभी हमें गलत रास्ते पर भी ले जा सकती है।
