Mahabharata Udyoga Parva – क Karnasya sainyaṁ sumahad abihaty shitaiḥ sharaiḥ

Shloka (श्लोक)
क Karnasya sainyaṁ sumahad abihaty shitaiḥ sharaiḥ
पराविशद भारतीं सेनाम अपर्यन्तां स सात्यकिः
⚡ Quick Meaning
सात्यकि ने कर्ण के विशाल सैन्य को नष्ट कर दिया।
Translations
English Translation
Satyaki, with his sharp arrows, vanquished the massive army of Karna, causing it to retreat to the ranks of the Bharata forces. This act established Satyaki’s valor in the battlefield as he courageously faced one of the greatest warriors.
हिंदी अनुवाद
सात्यकि ने करन की विशाल सेना को नष्ट कर दिया, जिससे वह भारती सेनाओं के खेमे में वापस लौट गई। यह कृत्य सात्यकि की वीरता को दर्शाता है, जब उन्होंने सबसे बड़े योद्धाओं में से एक का सामना किया।
Commentary
Context
यह श्लोक द्रोण पर्व का है, जहाँ युद्ध के बीच सात्यकि और कर्ण के बीच संघर्ष हो रहा था।
Meaning
सात्यकि की वीरता का यह प्रमाण दिखाता है कि कैसे एक योद्धा अपने कौशल से युद्ध का रुख बदल सकता है।
Application
यह श्लोक हमें दिखाता है कि कठिनाइयों का सामना करते समय साहस और कौशल के महत्व को समझ लेना चाहिए।
