Mahabharata Adi Parva Shloka 2738
Shloka (श्लोक)
ताम अपृच्छत स दृष्ट्वैव कन्याम अमर वर्णिनीम
सान्त्वयित्वा नृपश्रेष्ठः साम्ना परमवल्गुना
⚡ Quick Meaning
उसने उस कन्या से पूछा, जो अमर जैसी सुंदरता रखती थी।
📖 Translations
English Translation
Seeing the girl possessing the beauty of an immortal, he asked her about her identity. The best of kings consoled her gently with sweet words.
हिंदी अनुवाद
उसने उस कन्या से पूछा, जो अमर जैसी सुंदरता रखती थी। सबसे अच्छे राजा ने उसे मीठे शब्दों के साथ सांत्वना दी।
🔍 Commentary
📜 Context
इस श्लोक में नहुष द्वारा कन्या से संवाद स्थापित करने की चर्चा है, जो उसकी दिलचस्पी को दर्शाता है।
🧘 Meaning
यहाँ संवादात्मक दृष्टिकोण को सामने लाया गया है, जिससे मानवता के प्रेम की गहराई को स्पष्ट करता है।
🌟 Application
यह हमें सिखाता है कि हमें दूसरों की भावनाओं की कदर करनी चाहिए और कभी-कभी उन्हें सांत्वना देने की आवश्यकता होती है।
