Mahabharata

Mahabharata Adi Parva Shloka 5805

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Shloka (श्लोक)

वीर कांस्यम उपादाय काञ्चनं समलंकृतम
अवतीर्णा ततॊ रङ्गं दरौपदी भरतर्षभ

⚡ Quick Meaning

द्रौपदी ने कांस्यम नामक युद्ध विजय के प्रतीक को पकड़कर, रङ्ग में प्रवेश किया।

📖 Translations

English Translation

Draupadi entered the arena, holding the victorious Kamsya, an adorned trophy, symbolizing her triumph, as she appeared before the assembly of the Bharata clan.

हिंदी अनुवाद

द्रौपदी ने कांस्यम नामक विजय को पकड़े हुए, सजाए गए वस्त्रों के साथ रङ्ग में प्रवेश किया, यह उसके गौरव का प्रतीक था, जब उसने भारत वंश की सभा के सामने कदम रखा।

🔍 Commentary

📜 Context

यह श्लोक उस क्षण का चित्रण करता है जब द्रौपदी सभा में उपस्थित होती हैं, विजय के चिन्ह के साथ अपनी साहसिकता का प्रदर्शन करती हैं।

🧘 Meaning

यह श्लोक द्रौपदी के बलिदान और संघर्ष को उजागर करता है, जो उस समय की अनिवार्य शक्ति का प्रतीक है।

🌟 Application

हम इसे अपने जीवन में शक्ति और साहस के प्रतीक के रूप में ले सकते हैं, जरूरी होते हुए भी सामाजिक स्तर पर प्रतिनिधित्व करने का महत्व समझते हैं।

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